कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा के कांग्रेस उम्मीद्वार के रूप में अपना नामांकनपत्र गुरुवार को दाखिल किया। इस मौके पर नामांकन के समय दिग्विजय सिंह की पत्नी और बेटे जयवर्धन सिंह भी मौजूद रहे। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि राज्य की कमलनाथ सरकार ‘फ्लोर टेस्ट’ के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब तक विधायकों के इस्तीफों पर फैसला नहीं होगा, फ्लोर टेस्ट कैसे होगा।
कांग्रेस नेता ने भोपाल में विधानसभा परिसर में राज्यसभा के कांग्रेस उम्मीद्वार के रूप में अपना नामांकनपत्र दाखिल किया। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष ने त्यागपत्र देने वाले विधायकों को नोटिस जारी किया है, जिसके अनुसार संबंधित विधायकों को उपस्थित होना पड़गा। जब तक विधायक स्वयं अध्यक्ष के सामने उपस्थित नहीं होंगे, इस्तीफे पर निर्णय कैसे लिया जा सकता है।
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दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में कानून और संविधान का राज है। संवैधानिक संस्थाएं किसी राजनैतिक दल के कहने पर कार्य नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि राज्य में संवैधानिक संकट सरकार की तरफ से नहीं बल्कि भाजपा की ओर से खड़ा किया जा रहा है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा से जुड़ने पर दिग्विजय सिंह ने कहा- ये लड़ाई नेहरू-गांधी और गोडसे की विचारधारा की लड़ाई है। इसमें सिंधिया ने गोडसे को चुना और इसके लिए हम बेहद दुखी हैं। कांग्रेस नेता ने विधानसभा में नामांकन दाखिल करने के बाद सोनिया गांधी, कमलनाथ और राहुल गांधी सहित अन्य पार्टी प्रवक्ताओं को धन्यवाद किया।


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