केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन कड़ाके की ठंड में रविवार को भी जारी रहा। केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों पर पिछले 52 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का धरना कर रहे हैं। बीते दिनों में किसान संगठनों और सरकार के बीच हुई 9 वार्ताएं बेनतीजा रही। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने ऐलान किया है कि किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा।
महाराष्ट्र के नागपुर में पहुंचे राकेश टिकैत ने किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा, अगर कुछ लाख किसान दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं, इसके बावजूद सरकार नए किसान कानूनों को रद्द क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र को जिद्दी बताते हुए कहा, मुझे लगता है कि आंदोलन जारी रहेगा।
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गौरतलब है कि कृषि और संबद्ध क्षेत्र में सुधार लाने के मकसद से केंद्र सरकार ने कोरोना काल में कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) कानून 2020, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून 2020 लाए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इन कानूनों के अमल पर रोक लगा दी है और मसले के समाधान के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी का गठन कर दिया।


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